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अनियंत्रित होकर पुलिस जीप नाले में गिरी – खटारा हो चुकी वाहनों को गैराज – कस्टडी में भेजने की जरूरत

सरायकेला – खरसवां : जिले के चांडिल थाना क्षेत्र में पुलिस जीप अनियंत्रित होकर नाले में गिर गई। जिसमें सवार चालक और एक एएसआई बाल बाल बच गए। उन्हें हल्की फुल्की चोट आई हैं। बताया जाता है कि चांडिल डैम रोड स्थित बामनी नाला (जुड़िया) में शनिवार रात पुलिस जीप अनियंत्रित होकर घुस गई। पुलिस जीप संध्या गस्ती कर रही थी। इस दौरान अनुमंडल कार्यालय की ओर से चांडिल बाजार तरफ आने के क्रम में जीप अनियंत्रित होकर बामनी जुड़िया में घुस गई। करीब 20 फिट नीचे नाले के किनारे गिरी जीप में एएसआई रामकृष्ण चौधरी और चालक मनोज महतो मौजूद था, लेकिन उन्हें हल्की फुल्की चोट लगी हैं। सूचना मिलने पर स्थानीय लोगों और चांडिल पुलिस के जवानों ने जीप में सवार दोनों को निकाला और प्राथमिक उपचार कराया। जिस जगह पर चांडिल पुलिस की जीप अनियंत्रित होकर गिरी वहीं पर चांडिल के व्रतियों का छठ घाट तैयार किया गया है। बताया जाता है कि स्टेयरिंग फेल होने के कारण जीप अनियंत्रित हो गई और दाहिने तरफ घुस गई।

पुलिस वाहनों को दुरुस्त करने की जरूरत

जिले के विभिन्न थानों में पुलिस द्वारा उपयोग किए जाने वाले सरकारी वाहनों को दुरुस्त करने की जरूरत है। जिस तरह से आरोपियों को पुलिस कस्टडी में लेती हैं उसी तरह इन दिनों थानों के वाहनों को भी गैराज के कस्टडी में भेजने की जरूरत है। अन्यथा कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। पुलिस कर्मियों की मजबूरी है कि उन्हें अपना कर्तव्य निभाना है। लेकिन सरकार और विभाग को इस दिशा में ध्यान देना चाहिए। आखिर जनता की सुरक्षा और विधि व्यवस्था की जिम्मेदारी जिनके हाथों में है, उन्हें ही मूलभूत सुविधाएं नहीं मिलेगी तो वे कैसे अपना कर्तव्य पालन करेंगे।

प्रायः देखा जाता है कि खटारा हो चुकी पुरानी जीप अथवा अन्य वाहनों से पुलिस कर्मी गस्ती करते हैं। पूर्ववर्ती रघुवर सरकार के समय राज्य के सभी थानों को टाटा सफारी उपलब्ध कराई गई थी जो इन दिनों खराब स्थिति में है। कई थानों के टाटा सफारी मरम्मत के अभाव में खड़ी है। एक – आध थाना प्रभारी अपने स्तर से वाहनों का मरम्मत करवा कर काम चला रहे हैं। खटारा हो चुकी वाहनों से हाईवे पर गस्ती करना अथवा किसी वीवीआईपी को सकॉट सुविधा देना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। आए दिन देखा जाता है कि वीवीआईपी को सकॉट सुविधा देने में पुलिस कर्मियों को काफी परेशानी होती हैं। जिले के कई ऐसे थाने भी हैं, जहां थाना प्रभारी किराए पर चार पहिया वाहन लेकर अपना कर्तव्य पालन कर रहे हैं।

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