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Jharkhand

प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षण से उड़िया भाषा हटाए जाने का विरोध

सरायकेला – खरसवां.जिले के आदित्यपुर स्थित उड़िया विद्यालय परिसर में रविवार को उड़िया भाषी समाज के लोगों का जुटान हुआ। यहां उत्कल सम्मिलनी के गम्हरिया शाखा समेत विभिन्न उडिया समाज के लोग उपस्थित हुए। इस दौरान झारखंड में प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षण से उडिया भाषा हटाने पर विरोध जताया गया। इस अवसर रबिन्द्र नाथ सतपथी की अध्यक्षता में एक बैठक की गई। बैठक में उड़िया भाषा – भाषी समाज के गण्य मान्य लोग तथा शिक्षक मौजूद थे। यहां उपस्थित लोगों ने राज्य सरकार और शिक्षा विभाग के प्रति नाराजगी जाहिर की। वहीं, प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षण में पुनः उड़िया भाषा को शामिल करने के लिए आंदोलन का रुख अख्तियार करने पर रणनीति तैयार किया गया। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि 1988 से उडिया शिक्षकों की कोई नियुक्ति नहीं हुई हैं।

वहीं 2007 से शिक्षक प्रशिक्षण में उडिया भाषा शामिल नहीं है। कहा गया कि योजनाबद्ध तरीके से कोल्हान के तीनों जिला – पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम तथा सरायकेला खरसावां से उड़िया भाषा को विलुप्त किया जा रहा है।बताया गया कि उड़िया भाषा के संरक्षण और शिक्षा में उड़िया भाषा को पुनः शामिल करने को लेकर उत्कल सम्मिलनी एवं उडिया संगठनों द्वारा हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। वहीं, मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके अलावा विधानसभा के समक्ष धरना प्रदर्शन करने की तैयारी है।बैठक को संध्या प्रधान, गोलमुरी उत्कल समाज के सचिव प्रदीप कुमार जेना एवं बाबू मिश्रा ने संबोधित किया। इस अवसर पर उत्कल सम्मिलनी के उपदेष्टा कृष्ण प्रधान, अरुण आचार्य भाग्यवती सतपथी, निर्वासित प्रधान, अश्विनी प्रधान, संजय सतपथी, रंजीत पात्र, अंजना कुमारी, बरजू प्रधान, बैद्यनाथ प्रधान, संतोष शाहा, प्रदीप सतपथी, संजय बिहारी, तपन प्रधान, अशोक आचार्य, कुंज बिहारी पण्डा, नन्द लाल सतपथी, पिलटु सतपथी, मुकेश मंडल, राजेंद्र नायक आदि उपस्थित थे।

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