Image default
JharkhandSeraikela / Kharswan

चांडिल : अखिल झारखंड विस्थापित अधिकार मंच के केंद्रीय अध्यक्ष बने राकेश रंजन, केंद्रीय प्रवक्ता अनूप महतो

सरायकेला – खरसावां। (विश्वरूप पांडा) रविवार को अखिल झारखंड विस्थापित अधिकार मंच का समीक्षा बैठक हुई। बैठक में विगत 16 जून से चल रही अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन व आंदोलन की समीक्षा की गई। इस दौरान आगामी पांचवें चरण के आंदोलन को सफल बनाने हेतु विचार विमर्श किया गया।

इस अवसर पर सर्वसम्मति से मंच के केंद्रीय अध्यक्ष राकेश रंजन महतो को चयनित किया गया, मंच के केंद्रीय प्रवक्ता अनूप महतो को सर्वसम्मति से चयनित किया गया एवं मंच के महिला मोर्चा के अध्यक्ष मंजू गोराई, महिला मोर्चा के उपाध्यक्ष लक्ष्मी महतो, महिला मोर्चा के सचिव गीता रानी महतो को सर्वसम्मति से चयनित किया गया। इस मौके पर मुख्य रूप से उपस्थित विवेक सिंह बाबू, मुकेश कुमार महतो, कार्तिक महतो, विशाल कालिंदी, विदेश कालिंदी, सुबोध पोद्दार, अनूप महतो, राकेश रंजन महतो, तपन महतो, मंजू गोराई, आदि चांडिल बांध विस्थापित उपस्थित थे।

एक माह से राज्य सरकार के विरुद्ध चल रहा चांडिल डैम के विस्थापितों का आंदोलन

विदित हो कि एक माह से चांडिल डैम के विस्थापितों का आंदोलन राज्य सरकार के विरुद्ध चल रहा है। अपने दस सूत्री मांगों के समर्थन में गत 16 जून से अखिल झारखंड विस्थापित अधिकार मंच के बैनर तले चांडिल डैम के विस्थापित धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। इस बीच विस्थापितों ने चांडिल पुनर्वास कार्यालय का घेराव, आदित्यपुर स्थित अपर निदेशक, चीफ इंजीनियर का कार्यालय घेराव किया था। वहीं, चांडिल डैम के ऊपर भी एक दिवसीय प्रदर्शन किया गया। सुवर्णरेखा परियोजना द्वारा आंदोलनरत विस्थापितों के ऊपर दो एफआईआर दर्ज कराया गया है। एफआईआर दर्ज कराने के बाद विस्थापितों ने गत दिनों चांडिल थाना पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया और जमकर बवाल काटा था। भारी संख्या में विस्थापित चांडिल थाना पहुंचकर अपने गिरफ्तारी की पेशकश कर दी थी लेकिन मामले को पुलिस ने समझा बुझाकर शांत करवाया था और किसी की गिरफ्तारी नहीं की।

एक माह से अधिक होने के बाद भी अबतक सरकार के किसी प्रतिनिधि ने विस्थापितों के साथ वार्ता की पहल नहीं की है। आंदोलन की शुरुआत में पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय, आजसू नेता हरेलाल महतो, जेबीकेएसएस नेता जयराम महतो धरनास्थल पहुंचकर आंदोलन को समर्थन किया है। वहीं, सुवर्णरेखा परियोजना के अपर निदेशक रंजना मिश्रा तथा कार्यपालक अभियंता संजीव कुमार ने भी आंदोलनरत विस्थापितों से वार्ता करने के पश्चात उनके मांगों को वरीय अधिकारियों तथा राज्य सरकार तक भेजने का आश्वासन दिया है।

Related posts

अधिवक्ता अखिलेश ने टाटा व श्रम आयुक्त को भेजी नोटिस – कर्मचारियों को स्थायी घोषित करें अन्यथा कानूनी कार्यवाही के लिए रहें तैयार

admin

कोल्ड स्टोरेज का शिलान्यास कर वाहवाही बटोरी विधायक सविता महतो, लेकिन तीन महीने का मजदूरों को भुगतान नहीं

admin

नाम्या स्माइल फाउंडेशन व रौशनी फाउंडेशन ने बताया नेत्रदान का महत्व

admin

Leave a Comment