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जमशेदपुर : अखिलेश गैंग के अपराधियों ने ही परमजीत गैंग के रंजीत सिंह की हत्या की

जमशेदपुर : गैंगस्टर अखिलेश सिंह पिछले दो दशक से अपराध की दुनिया में अपना परचम लहरा रहा है। उससे जो भी टकराया उसे रास्ते से हटा दिया गया। शहर के टेल्को में सोमवार को एक बार फिर से परमजीत गैंग पर अखिलेश सिंह का गैंग भारी पड़ा। रंजीत सिंह, की बात करें तो वह परमजीत गैंग का आदमी था जबकि उसकी गोली मारकर हत्या करने वाले अखिलेश गैंग के हैं।

दो दशक पहले तक परमजीत सिंह का गैंग शहर का सबसे मजबूत गैंग हुआ करता था। परमजीत की अदावत अखिलेश सिंह से हो गई थी। इसके बाद परमजीत की हत्या वर्ष 2009 में घाघीडीह जेल के भीतर गोली मारकर कर दी गई थी। उसके बाद ही अखिलेश सिंह का गैंग शहर में तेजी से उभरा था।

परमजीत की हत्या के बाद गैंग की बागडोर पूर्व झामुमो नेता सह ट्रांसपोर्टर उपेंद्र सिंह ने संभाली थी। तब अखिलेश सिंह पर वर्ष 2014 में सिविल कोर्ट में गोली चली थी। हालांकि गोली मिस फायर हो गई थी। इस कारण से अखिलेश बच गया था। घटना के समय गोली चलाने वाला पकड़ा गया था। इसके बाद अखिलेश समर्थकों ने उसकी कोर्ट परिसर में ही पीट-पीटकर हत्या कर दी थी।

उपेंद्र सिंह की हत्या कोर्ट परिसर के बार एसोसिएशन भवन में गोली मारकर कर दी गई थी। घटना में दो लोग पकड़े गए थे जिसकी कोर्ट परिसर में ही खूब पिटाई की गई थी। इस मामले में भी अखिलेश सिंह गैंग का ही नाम सामने आया था और पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। परमजीत सिंह गैंग का ही अमरनाथ सिंह है और अमरनाथ से ही जुड़ा था रंजीत सिंह।

रंजीत सिंह उर्फ रंजीत सरदार की हत्या में सबरजीत सिंह उर्फ छब्बू का नाम सामने आ रहा है। कभी रंजीत सिंह से छब्बू की दोस्ती थी। लेकिन डेढ़ साल पहले घाघीडीह जेल में दोनों के बीच अनबन हो गई थी। इसके बाद छब्बू ने रंजीत से किनारा कर लिया था। छब्बू जमानत पर पहले छूटा था। इसके बाद रंजीत के जेल से बाहर निकालने की ताक में था। घटना में पुलिस की शक की सुई छब्बू पर ही घूम रही है। इसके अलावा मामले में राजा शर्मा, गणेश सिंह और कुंदन का भी नाम सामने आ रहा है।

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