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झारखंड : ऐतिहासिक रहा कुड़मी समाज का रेल जाम आंदोलन

नीमडीह : टोटेमिक कुड़मी / कुरमी समाज द्वारा आज फिर एक बार एकजुटता का प्रदर्शन किया है। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत आज नीमडीह स्टेशन के समीप रेलवे ट्रैक को करीब साढ़े चार घंटे तक जाम रखा गया। यहां झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों तथा पश्चिम बंगाल और ओडिशा से आए हुए कुड़मी समाज के लोगों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान जय गराम, जय कुड़मी, जय आदिवासी इत्यादि नारे जोर शोर से लगाए गए।

कई ट्रेनें रद्द, रेलवे को हुआ घाटा

कुड़मी समाज द्वारा नीमडीह में रेल जाम करने से रेलवे को काफी आर्थिक घाटा पहुंचा। अनुमानित करोड़ों रुपए के घाटा होने की सूचना मिल रही हैं। सुबह सात बजे से साढ़े ग्यारह बजे तक रेलवे ट्रैक जाम रहने के कारण कुल 14 यात्री ट्रेन प्रभावित हुई। जिसमें से चार यात्री ट्रेन की रूट को रेलवे ने बदल दिया। उन ट्रेनों को दूसरे रूट से गन्तव्य तक पहुंचाने का प्रयास है।

अनुसूचित जनजाति की सूची में कुड़मी जाति को शामिल करने की मांग :

कुड़मी / कुरमी समाज को अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल करने, कुड़मालि भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने तथा सरना धर्मकोड लागू करने की मांग है। टोटेमिक कुड़मी/कुरमी समाज के लोगों द्वारा आज झारखंड और पश्चिम के विभिन्न जगहों पर रेल जाम किया गया है। उनकी प्रमुख मांग है कि कुड़मी/ कुरमी जाति को आदिवासी का दर्जा दिया जाय। तर्क है कि पूर्व में कुड़मी/ कुरमी समाज को आदिवासी का दर्जा प्राप्त था, लेकिन सरकार और प्रशासनिक अधिकारियों के षड्यंत्र से उन्हें अनुसूचित जनजाति की सूची से हटा दिया गया है।
रेल जाम हटाने के लिए नीमडीह के अंचलाधिकारी संजय पांडेय को दंडाधिकारी के रूप में प्रतिनियुक्त किया गया था। वहीं, इंस्पेक्टर पास्कल टोप्पो, नीमडीह थाना प्रभारी अमित कुमार गुप्ता समेत जिला पुलिस के जवान तैनात थे। इसके अलावा रेलवे के एसीएम जयदेव रॉय, स्टेशन मास्टर अशोक विश्वास तथा आरपीएफ के सैकड़ों जवान मौजूद थे। रेल जाम हटाने के बाद टोटेमिक कुड़मी/ कुरमी समाज द्वारा अंचलाधिकारी और स्टेशन मास्टर के माध्यम से भारत के प्रधानमंत्री ने नाम अपना मांगपत्र सौंपा।

रेलवे ट्रैक पर ही युवतियों ने की सांस्कृतिक नृत्य, बना आकर्षक का केंद्र :

रेल जाम लगा कर यहां कुड़मी समाज के युवतियों द्वारा पारंपरिक नाच गाना किया गया। महिलाओं ने कुड़मालि भाषाओं में गीत गाया। वहीं, पारंपरिक परिधान में युवतियों ने नृत्य प्रस्तुत किया। यहां न केवल आंदोलनकारी बल्कि वहां मौजूद पुलिस के जवान भी सांस्कृतिक कार्यक्रम का वीडियो बना रहे थे। लोगों को सांस्कृतिक नृत्य ने काफी आकर्षित किया।

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