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मानसिक तनाव के चलते अज्ञातवास में गया था दिलीप महतो, तथाकथित अपरहण का राज खुलना बाकी – राजनीति चमकाने के इरादे से सड़क जाम करने वालों पर होगी करवाई

सरायकेला – खरसवां : जिले के चांडिल थाना क्षेत्र के बिरिगोड़ा निवासी दिलीप महतो के तथाकथित अपरहण को लेकर पुलिस ने खुलासा कर दिया है लेकिन अब भी कई राज खुलने बाकी हैं। आज एसडीपीओ संजय सिंह ने प्रेस वार्ता में जानकारी दी है कि गत 10 जनवरी शाम से लापता दिलीप महतो के मामले को पुलिस भी अपहरण के दृष्टिकोण से जांच कर रही थी और दिलीप महतो की खोजबीन में जुटी थी। लेकिन दिलीप महतो का किसी ने अपरहण नहीं किया था। बल्कि दिलीप महतो अपने व्यवसाय एवं समस्याओं के तनाव में आकर स्वयं ही अज्ञातवास में चला गया था।

एसडीपीओ संजय सिंह ने बताया कि 10 जनवरी को सूचना मिलने के बाद उनके नेतृत्व में चांडिल पुलिस निरीक्षक पास्कल टोप्पो, चांडिल थाना प्रभारी अजित कुमार तथा ईचागढ़ थाना प्रभारी दिनेश ठाकुर समेत अन्य पुलिस पदाधिकारियों की टीम गठित की गई थी। पुलिस ने मामले को अपहरण के दृष्टिकोण से ही जांच शुरू किया था। पुलिस ने मामले की छानबीन में दिलीप महतो का स्कोर्पियो आसनबनी के कैनाल किनारे संदिग्ध हालत में बरामद किया था। वहीं, दिलीप महतो का मोबाइल भी स्विच ऑफ पाया गया था। एसडीपीओ संजय सिंह ने बताया कि 11 जनवरी को दिलीप महतो का लोकेशन ट्रेस किया गया था, जिसमें उसका लोकेशन कोलकाता के हावड़ा में दिखाया था। रातभर पुलिस टीम द्वारा खोजबीन किया गया, लेकिन कहीं पता नहीं चल पाया था। पुलिस का कहना है कि 12 जनवरी धालभूमगढ़ में उसका लोकेशन ट्रेस किया गया था और उसके आधार पर पुलिस खोजबीन शुरू किया था। इस दौरान दिलीप महतो के भाई ने ही पुलिस को सूचना दी कि दिलीप महतो धालभूमगढ़ में है। पुलिस के अनुसार दिलीप महतो का एक भाई सुधाकर हैं, जो धालभूमगढ़ में नौकरी करता है।

एसडीपीओ संजय सिंह ने बताया कि अब तक दिलीप महतो ने पुलिस को दिए गए बयान में कहीं भी अपरहण की बात नहीं है। दिलीप महतो आर्थिक परेशानियों तथा अन्य समस्याओं के तनाव में आकर स्वयं ही अपना मोबाइल स्विच ऑफ करके अज्ञातवास में चला गया था। पुलिस ने बताया कि दिलीप महतो के तथाकथित अपरहण मामले की पुलिस अभी भी जांच कर रही हैं। जांच में और भी कई बातें सामने आने की संभावना है। एसडीपीओ संजय सिंह ने बताया कि 11 जनवरी को अपना राजनीति चमकाने के उद्देश्य से नेशनल हाईवे को पर जाम लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सड़क जाम करने वाले लोगों की वीडियो फुटेज जुटाई जा रही हैं।

हालांकि, कथित तौर पर हुए दिलीप महतो के अपहरण के मामले में अब भी कई राज खुलने बाकी हैं। एसडीपीओ संजय सिंह द्वारा मीडिया को दी गई जानकारी के अनुसार 10 जनवरी की शाम से ही दिलीप महतो का फोन स्विच ऑफ था। पुलिस द्वारा हाइवे तथा अन्य जगहों की सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई थी। इसके बाद पुलिस ने बताया कि दिलीप महतो का लोकेशन कोलकाता के हावड़ा में ट्रैस किया गया था। जब पुलिस हावड़ा पहुंची तो वहां नहीं मिला। पुनः उसका लोकेशन धालभूमगढ़ में पाया गया, इसके आधार पर खोजबीन शुरू किया था। पुलिस उस लोकेशन तक पहुंचने से पहले ही दिलीप महतो के करीबी द्वारा पुलिस को सूचना दी गई। इस पूरे मामले का स्क्रिप्ट राइटर कौन है? इस रहस्य से पर्दा उठना बाकी है। सवाल यह भी है कि जब दिलीप महतो का फोन स्विच ऑफ था तो फिर पुलिस किसके मोबाइल नंबर की जांच की और दिलीप महतो का लोकेशन ट्रेस किया, जिसमें हावड़ा तथा धालभूमगढ़ का लोकेशन पाया गया।

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