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ईचागढ़ के पूर्व विधायक स्वर्गीय साधुचरण महतो की प्रथम पुण्यतिथि पर रक्तदान शिविर का आयोजन हुआ

सरायकेला – खरसवां : ईचागढ़ विधानसभा के पूर्व विधायक स्वर्गीय साधुचरण महतो के निधन को एक वर्ष पूरे हो गए। आज स्वर्गीय साधुचरण महतो का प्रथम पुण्यतिथि पर कई कार्यक्रम का आयोजन हुआ। चांडिल प्रखंड के घोड़ानेगी कॉलोनी मैदान पर भाजपा द्वारा रक्तदान शिविर एवं श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया।

यहां ब्रम्हानंद हृदयालय नारायणा अस्पताल के सौजन्य से रक्तदान शिविर आयोजित किया था। शिविर में भाजपाइयों और ग्रामीणों ने बढ़चढ़कर रक्तदान किया।
इस अवसर पर धार्मिक अनुष्ठान पाला कीर्तन का भी आयोजन किया गया। पश्चिम बंगाल कीर्तन मंडली द्वारा प्रस्तुति दी गई। कीर्तन सुनने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी थी।

श्रद्धांजलि सभा में रांची सांसद संजय सेठ, पुरुलिया सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो, पूर्व आईएएस अधिकारी जेबी तुबिद, केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा की धर्मपत्नी मीरा मुंडा, जिलाध्यक्ष बिजय महतो, भाजपा नेता गणेश माहली, मधुसूदन गोराई, सांसद प्रतिनिधि मदन सिंह सरदार, विशाल चौधरी, खगेन महतो आदि मौजूद रहे। सभी नेताओं ने स्वर्गीय साधुचरण महतो के चित्र पर श्रद्धांजलि दी और उनके आत्मा शांति का कामना किया।

इस अवसर पर श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए रांची सांसद संजय सेठ ने कहा कि पूर्व विधायक साधु दा जनप्रिय नेता थे, जनता की आवाज थे। उनके निधन से न केवल पार्टी को क्षति पहुंची है, बल्कि ईचागढ़ विधानसभा के जनता को भी व्यक्तिगत क्षति हुई हैं। सांसद ने कहा कि जनता हितों की बात करने और लड़ने में साधु दा सबसे पहले खड़े रहते थे। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय साधुचरण महतो के सपनों का ईचागढ़ हम सभी को मिलकर बनाना है और उनके सपनों को साकार करने का दायित्व हमारा है। सांसद ने कहा कि साधुचरण महतो विस्थापितों के हितैषी थे, विस्थापितों की लड़ाई में सबसे आगे रहते थे लेकिन वर्तमान हेमंत सरकार उन्हीं विस्थापितों को बेघर करने को तुली हैं। हर साल विस्थापितों के घरों को डुबोया जा रहा है।


इस मौके पर अपने संबोधन में पुरुलिया से सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो ने कहा कि पूर्व विधायक स्वर्गीय साधुचरण महतो की लोकप्रियता झारखंड में ही नहीं पश्चिम बंगाल तक है। बल्कि आज भी लोग उनके अदम्य साहस के लिए याद करते हैं। अखबारों में हर रोज साधुचरण महतो के विकास कार्यों को पढ़ने का अवसर मिलता था। उन्होंने कहा कि साधु दा से केवल राजनीतिक संबंध ही नहीं व्यक्तिगत संबंध भी थे।
इस मौके पर स्वर्गीय साधुचरण महतो की धर्मपत्नी सारथी महतो, मनोज महतो, दिवाकर सिंह आदि मौजूद थे।

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