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केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा को भूमिज समाज ने सौंपा ज्ञापन – जमीन विवाद का मामला कोर्ट में फिर भी चांडिल एसडीओ ने दखल दिहानी का दिया आदेश – एसडीओ के खिलाफ विधानसभा घेराव की तैयारी

जमशेदपुर : शुक्रवार को टेल्को घोड़ाबांधा में केंद्रीय जनजाति मंत्री अर्जुन मुंडा के आवास पर चांडिल के आदिवासी (भूमिज समाज) के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। इस दौरान भूमिज समाज के लोगों ने केंद्रीय मंत्री को एक ज्ञापन सौंपा और न्याय दिलाने की मांग की। ज्ञापन के माध्यम से केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा से कहा गया है कि चांडिल के गौरी मौजा में तीन भूमिज जाति के लोगों की पुश्तैनी जमीन है। बताया गया कि गौरी मौजा में करीब 4.51 एकड़ भूमिज समाज के लोगों की जमीन अवस्थित हैं, जिसपर अवैध रूप से कब्जा किया जा रहा है।

ज्ञापन में बताया गया है कि उक्त जमीन को भूमि माफियाओं के सहयोग से अतुल टोंक द्वारा उत्तर प्रदेश संघ को बेच दिया गया है। वहीं, उक्त जमीन को चांडिल अंचल कार्यालय ने दाखिल खारिज करते हुए उत्तर प्रदेश संघ के नाम पर दर्ज कर दिया है। मामले की जानकारी होने के बाद रैयतों ने सरायकेला – खरसवां के उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा है। जिसपर कार्रवाई करते हुए उपायुक्त ने 16/20 – 21 के तहत वाद दायर कर मामले को विचाराधीन रखा है।

उक्त जमीन को लेकर उपायुक्त के अदालत में दो वाद दायर है। समय समय पर उसकी सुनवाई भी चल रही हैं। इसके बावजूद चांडिल अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा कानून का उल्लंघन करते हुए गत 11 – 07 – 2021 को दंडाधिकारी नियुक्ति और पुलिस बल की मौजूदगी में उक्त जमीन पर माफियाओं को दखल दिलाने एवं चारदीवारी निर्माण करवाने का आदेश जारी किया गया है। भूमिज समाज ने उक्त जमीन का वर्तमान दाखिल खारिज को रद्द करने का मांग किया है।

चांडिल अनुमंडल पदाधिकारी के खिलाफ हजारों की संख्या में आदिवासी समाज के लोग करेंगे विधानसभा घेराव

चांडिल के गौरी मौजा में एक विवादित भूखंड को लेकर चांडिल अनुमंडल पदाधिकारी के खिलाफ क्षेत्र का आदिवासी समाज गोलबंद होता दिख रहा है। वहीं, कोल्हान के अनेकों ग्रामसभा भी इस मामले में आदिवासियों को सहयोग करने का ऐलान कर चुकी हैं। बताया जा रहा है कि आदिवासी समाज चांडिल अनुमंडल पदाधिकारी के खिलाफ चरणबद्ध तरीके से आंदोलन करने की तैयारी में है।

दरअसल, चांडिल के गौरी मौजा के एक विवादित जमीन का मामला सरायकेला उपायुक्त के न्यायालय में विचाराधीन है। यहां विवादित भूखंड को लेकर आदिवासी भूमिज समाज और उत्तर प्रदेश संघ आमने सामने है। अबतक इस मामले में न्यायालय ने किसी के पक्ष में फैसला नहीं दिया है। आरोप है कि चांडिल अनुमंडल पदाधिकारी रंजीत लोहरा ने मामला न्यायालय में विचाराधीन रहते हुए भी उक्त जमीन पर एक पक्ष को दखल दिलाने का आदेश जारी कर दिया है। वहीं, अनुमंडल पदाधिकारी ने उक्त जमीन पर एक पक्ष के लिए चारदीवारी निर्माण करवाने दण्डाधिकारी नियुक्त करने का भी आदेश जारी किया था। अनुमंडल पदाधिकारी के उक्त आदेश से आदिवासी समाज आक्रोशित हैं।

अब आदिवासी समाज के लोग आगामी शीतकालीन सत्र में विधानसभा घेराव की तैयारी में है। बताया जा रहा है कि कोल्हान के हजारों आदिवासी विधानसभा की ओर कूच करेंगे और विधानसभा घेराव करेंगे। उक्त जमीन के एक दावेदार भोला सिंह मुंडा ने बताया कि अंचल कार्यालय और अनुमंडल पदाधिकारी के खिलाफ उग्र आंदोलन की तैयारी शुरू हो गई हैं। शीतकालीन सत्र के दौरान कोल्हान के हजारों आदिवासी विधानसभा घेराव करेंगे और अनुमंडल पदाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई का मांग करेंगे।

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